कार्यदायी संस्थाओं को समय वृद्धि में नहीं दी जायेगी राहत- सीईओ
31 मार्च को स्मार्ट सिटी का कार्य समाप्त होने से पहले परियोजनाएं पूरी करें
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
सहारनपुर -स्मार्ट सिटी सहारनपुर ( एसएससीएल) के सीईओ/नगरायुक्त संजय चौहान ने कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट कहा कि 31 मार्च को स्मार्ट सिटी का कार्य समाप्त किया जाना है, अतः 31 मार्च तक सभी कार्यदायी संस्थाएं अपना कार्य पूर्ण कर लें। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी कार्यदायी संस्था को अनुबंध सीमा पार करने के बाद समय वृद्धि के सम्बंध में कोई राहत नहीं दी जायेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यदायी संस्थाओं पर जो पेनल्टी लगायी जा चुकी है वह भी कार्यदायी संस्थाओं/ठेकेदार द्वारा अनिवार्य रुप से देय होगी। स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को लेकर एक माह के भीतर रेवेन्यू मॉडल विकसित करने के निर्देश भी उन्होंने अधिकारियों को दिए।
स्मार्ट सिटी सीईओ संजय चौहान आज स्मार्ट सिटी की अपूर्ण 12 परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने सभी 12 परियोजनाओं से सम्बंधित कार्यदायी संस्थाओं को 31 मार्च तक कार्य पूरा करने सम्बंधी पत्र भेजने के निर्देश दिए। हैबीटेट सेंटर को लेकर हाईकोर्ट मंे लंबित वाद के सम्बंध में उन्होने कहा कि सम्बंधित कार्यदायी संस्था द्वारा प्रभावी पैरवी नहीं की जा रही है। उन्होंने कंपनी सचिव को एसएससीएल की ओर से आवश्यकतानुसार प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। स्मार्ट सिटी सीईओ संजय चौहान ने स्मार्ट रोड शौचालय निर्माण, महाड़ी का तालाब, ई-ऑफिस, पिंजौरा-कब्रिस्तान के बीच रोड का निर्माण, स्मार्ट गैराज वर्कशॉप, रिटेनिंग वॉल आदि स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कम्पनी बाग सौंदर्यीकरण का कार्य एसडीए को समय से पूरा करने के निर्देश दिए। वूमैन हॉस्टल का निर्माण भी उन्होंने कार्यदायी संस्था को समय से पूरा करने को कहा। स्मार्ट रोड के कार्य पूरा न होने पर उन्होंने कहा कि कहीं मैटेरियल पड़ा है, कहीं केबिल के बंडल पडे़ है, कही टायल दब गयी हैं, इन्हें कार्यदायी संस्था अविलंब ठीक करा ले। कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि ने बताया कि विद्युत विभाग द्वारा विद्युत मीटर न लगाने के कारण स्मार्ट रोड के कार्य में विलंब हो रहा है। इस पर सीईओ चौहान ने विद्युत विभाग को एक माह में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।स्मार्ट सिटी सीईओ ने कन्वेशन संेटर व हैबीटेट संेटर सहित अनेक परियोजनाओं के सम्बंध में एक माह के भीतर रेवेन्यू मॉडल विकसित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने सुझाव दिया कि जहां विकसित रेवेन्यू मॉडल सफलतापूर्वक चल रहे हैं, ऐसी वाराणसी, झांसी, लखनऊ आदि अन्य स्मार्ट सिटी के रेवेन्यू मॉडलों का भी अध्ययन कर लिया जाए। उन्होंने इसके लिए एसीईओ/अपर नगरायुक्त राजेश यादव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जिसमें जीएम दिनेश सिंघल, डीजीएम फाइनेंस मोहित व कंपनी सचिव को शामिल किया गया है। बैठक में अपर नगरायुक्त राजेश यादव, मुख्य अभियंता बी के सिंह, जीएम दिनेश सिंघल, डीजीएम वित्त मोहित व कंपनी सचिव शंकर तायल आदि मौजूद रहे।
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