शिव ही जीव की मुक्ति का साधन है-स्वामी कालेंद्रानंद
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
सहारनपुर- राधा विहार स्थित ओघड़ दानी नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में महादेव के महाशिवरात्रि महारुद्राभिषेक अवसर पर स्वामी कालेंद्रानंद जी महाराज ने कहा प्रकृति और पुरुष का मिलन है महाशिवरात्रि। श्री रामकृष्ण विवेकानंद संस्थान के तत्वाधान में आयोजित शिवरात्रि महापर्व पर ओघड नर्मदेश्वर महादेव सवा 5 फीट शिव पिंडी पर जलाभिषेक के लिए प्रातः काल से ही लोगों का दांता लग गया और निरंतर कतारों में प्रतिष्ठा करके घंटे बाद नंबर आया तब शिव जी भजन चढ़ाया, स्वामी कालेंद्रानंद जी महाराज के सानिध्य में महादेव का महा रुद्राभिषेक प्रारंभ हुआ जो रुद्री पाठ, शिव महिम्न स्तोत्र, शिव सहस्त्रनाम स्तोत्र से किया गया, सभी भक्तों ने महादेव की पूजा श्रद्धा एवं भाव से की और विश्व कल्याण की कामना करते हुए जन कल्याण में महादेव की पूजा को समर्पित किया।
शिव महिमा का वर्णन करते हुए स्वामी कालेंद्रानंद जी महाराज ने कहा महाशिवरात्रि शिव और शक्ति का मिलन है प्रकृति और पुरुष एक दूसरे को आत्मसात कर सृष्टि को संतुलित करते हैं और जन मानस का कल्याण करते हैं शिव ही जीव की मुक्ति का साधन है, जो जीव शिव की शरणागति होकर अपने आत्म तत्वों को साधना मार्ग से जागृत करते हैं शिव तत्वों को प्राप्त कर लेता है उसको ही कृपा प्राप्त होती है, उन्होंने कहा महाशिवरात्रि आत्मा और परमात्मा का मिलन है जो आंतरिक साधना का विषय है अर्थात जीव आत्मिक भाव रूप से अपनी आत्मा को जागृत कर परमात्मा में समाहित कर देता है वही वास्तविक महाशिवरात्रि है यही आधार मोक्ष और मुक्ति है इसी आधार की प्राप्ति जीव को शिवमय बनाकर उसे शिवत्व की ओर ले जाती है। महाराज श्री ने कहा शिव ही सृष्टि का आदि और अंत है शिव ही जीव जगत एवं संपूर्ण ब्रह्मांड का मूल आधार है इस अवसर पर मेहर चंद जैन राजेंद्र धीमान अश्विनी कंबोज सागर गुप्ता संजय राणा अनिल नारंग रोहित शर्मा रमेश शर्मा मांगेराम त्यागी बबीता सुचेता उमा ममता कमलेश पूनम सविता राजबाला आदिरहे
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