भारत सरकार से की नेता जी को भारत रत्न देने की मांग
रिपोर्ट समीर चौधरी
देवबंद- नेता जी सुभाष चंद्र बोस के विचार वादी समाज सेवी मोहम्मद गुलबहार ने सरकार से नेता जी सुभाष चंद्र बोस को भारत रत्न देने की मांग करते हुए कहा कि जब भारत गुलाम था, तब आजादी का सपना हर दिल में था। देश को आजाद कराने में नेताजी का योगदान अद्वितीय है।
मौहल्ला पठानपुरा में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के जुल्मों के खिलाफ भारतीयों ने असंख्य आंदोलन और लड़ाइयाँ लड़ीं। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर काकोरी रेल कांड, साइमन कमीशन का विरोध, और रेशमी रुमाल आंदोलन तक, हर प्रयास ने आजादी की लौ जलाए रखी। 1942 में नेताजी ने सिंगापुर में आजाद हिंद फौज की स्थापना की। इस फौज का उद्देश्य ब्रिटिश राज से भारत को मुक्त कराना था। आजाद हिंद फौज में भारतीय युद्धबंदी, प्रवासी भारतीय, और दक्षिण-पूर्व एशिया के भारतीय शामिल हुए। जापान और जर्मनी का समर्थन मिला, जिन्होंने फौज को हथियार और प्रशिक्षण दिया। फौज का प्रमुख नारा था “जय हिंद” और आदर्श वाक्य था “दिल्ली चलो।” उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी जी से नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भारत रत्न देने की मांग की। इस दौरान मोहम्मद अहमद, डॉ. सुहैल, मुजम्मिल आदि मौजूद थे।
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